60th Republic Day Of India
Faridabad, Tuesday, January 6, 2010: आज पूरा देश अपना 60वां गणतंत्र बड़ी धूमधाम से मना रहा है हर तरफ तिरंगे की बहार ही बहार है हो भी क्यूँ ना क्यूँकी आज अपना यह गणतंत्र साठ साल का जो हो गया | छब्बीस जनवरी १९५० को लागू हुए हमारे संबिधान की रप्तार ज़रा धीमी है क्यूँकी आज भारत की लगभग बीस फीसदी जनसंख्या को पंद्रह अगस्त और छब्बीस जनवरी में फर्क तक मालूम नहीं है देश की कई फीसदी जनसंख्या अब भी निरक्षर है | देश के मेहनत कश किसान मजबूरी बश आत्महत्या कर रहे हैं ,देश की सीमायों पर भी हर वक्त खतरे में रहती हैं | इंसान इंसान का कत्लेआम सरेआम कर रहा है ,देश की कई फीसदी महिलायें आज भी घरों से बाहर निकलने में घबराती हैं ,बच्चे को स्कूल भेजते हुए आज भी उनके माँ बाप को डर लगा रहता है की मेरा बच्चा सकुशल वापस आयेगा की नही | इस तरह की कई समस्याएं अब भी देश वासियों को चिंतित करती रहती हैं क्या देश को आजाद कराने वाले शहीदों व् देश के स्वतंत्रता सेनानियों ने कभी इस तरह के आजाद भारत की कल्पना की होगी जिस भारत की जनता को अपने घर निकलने के बाद सही सलामत वापसी का डर सताता रहता हो शायद नही इसलिए हमारे देश के नेताओं को संबिधान की रप्तार को बढानी होगी और कई पहलुओं पर बिचार करने की जरूरत है ताकि देश का हर नागिरिक अपने संबिधान पर गर्व कर सके |













