Public Will Not Put Up With Criminals Like Shambhu Pratap Singh Rathore

Faridabad Monday 08 February 2010.आज चंडीगढ़ में हुए राठौर पर हमले ने देश की पुलिश, देश की न्याय व्यवस्था पर कई तरह के सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं | आखिर पब्लिक कब तक कोर्ट कचहरी के ढुलमुल रवैये को बर्दास्त करती रहेगी सहनशीलता की भी एक हद होती है आपको याद होना चाहिए की निठारी काण्ड के आरोपियों पर भी गाजियाबाद के कोर्ट में पब्लिक का हमला हो चुका है आज राठौर पर हुआ हमला भी उसी की एक कड़ी है आज से कुछ दिन पहले राठौर ने एक बयान दिया था जिसमे उन्होंने मीडिया वालों से खीझ निकालते हुए कहा था कि मै तो मुस्कुराऊंगा और उसका उदाहरण यह दिया था की मैंने तो नेहरू जी ऐसा सीखा है उन्होंने कहा था कि नेहरू जी भी मुसीबत में मुस्कुराते थे आज हुए हमले के बाद उनकी मुस्कराहट में तब्दीली ला सकती है | देश में चल रहे कई ऐसे मामले हैं जिनमे अपराधियों को कोई उचित सजाएं नहीं मिल सकीं हैं अपराधी अगर जेल में है तो वहाँ उसे हर तरह की सुबिधायें मिल जातीं है अगर बाहर है तो उसके वकील ही कोर्ट कचहरी का चक्कर लागाकर सारे मामले रफा दफा कर देते हैं वो आराम से बैठ कर मौज ले रहा होता है पर पब्लिक यह सब शायद ही बर्दास्त कर सके इसी की कड़ी है राठौर पर हमला आगे और हमले भी पब्लिक द्वारा अपराधियों पर किये जा सकते हैं इसलिए कोर्ट हर किसी को न्याय दिलाने में अपनी भूमिका के बारे में सोंच बिचार करना चाहिए |












