ससुर ने बहू को दी किडनी
12 march 2010.जयपुर ससुर ने अपनी बहू को किडनी देकर प्रदेश में रिश्तों को नया जन्म दिया है। अब तक बेटी की किडनी खराब होने पर माता-पिता ही पहल करते थे, लेकिन यह संभवत: पहला मौका है, जब ससुर ने बहू को नई जिंदगी दी है। ट्रांसप्लांट आफ ह्यूमन आर्गन एक्ट (१९९४) में संशोधन के बाद भी ऐसा पहली बार हो रहा है, जब किसी नजदीकी रिश्तेदार ने अपने संबंधी को किडनी दान की है। यह मामला इसलिए भी थोड़ा अलग है, क्योंकि किडनी ट्रांसप्लांटेशन के अधिकांश मामलों में महिलाएं ही आगे आती हैं, पुरुषों की संख्या कम होती है।
तीजा (सांगानेर) निवासी रोडवेज ड्राइवर छीतरमल शर्मा की बहू बीना के गुर्दे सूजन से सिकुड़ गए थे। उसे जयपुर के मोनीलेक हॉस्पिटल के नेफ्रोलॉजी विभाग में भर्ती कराया गया। बीना के माता-पिता ने किडनी देने से मना कर दिया। पति का ब्लड ग्रुप मैच नहीं किया और सास भी किडनी नहीं दे सकती थी। ऐसे में ससुर ने किडनी देने का फैसला किया।













